प्रवीण चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, हिन्दू रक्षा सेना ने कहा: किश्तवाड़ में हुई आतंकवाद विरोधी कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति का स्पष्ट और निर्णायक उदाहरण है। हमारे एक वीर जवान की शहादत ने पूरे देश को गर्व और दुःख, दोनों से भर दिया है। मैं हिन्दू रक्षा सेना की ओर से उस शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और उनके परिवार को यह विश्वास दिलाता हूँ कि देश उनका ऋणी है।

यह मुठभेड़ दिखाती है कि अब भारत आतंकवाद को केवल सहन करने वाला देश नहीं रहा। हम अब आतंक के हर रूप को जड़ से खत्म करने का संकल्प ले चुके हैं।

जब भी कोई सैनिक शहीद होता है, एक माँ की गोद सूनी हो जाती है, एक बहन का भाई खो जाता है, एक पत्नी की दुनिया उजड़ जाती है — और हर भारतवासी का दिल रो पड़ता है।

हिन्दू रक्षा सेना की ओर से मैं उन वीर जवानों को नमन करता हूँ जो अपने कर्तव्य की वेदी पर अमर हो गए। उनका बलिदान हमें ये याद दिलाता है कि आज़ादी और सुरक्षा कोई उपहार नहीं, बल्कि लगातार संघर्ष और बलिदान से प्राप्त अधिकार है।

यह भी स्पष्ट है कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद अभी भी भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। किन्तु अब भारत वह नहीं रहा जो केवल सहता था। यह नया भारत है — जो हर गोली का जवाब गोले से देगा, हर गद्दार का नाम और काम मिटा देगा।

अब समय है कि हम सब भी — आम नागरिक, संगठनों और समाज के सभी वर्गों — को एकजुट होकर यह प्रण लेना होगा कि हम न केवल सीमा पर, बल्कि विचारधारा के मोर्चे पर भी आतंकवाद का विरोध करेंगे। कोई माफ नहीं किया जाएगा — न बंदूकधारी आतंकी, न उन्हें पालने-पोसने वाले साजिशकर्ता, और न ही उनकी हिमायत करने वाले विचारक।

हर शहीद की अंतिम सांस हमसे पूछती है — “क्या तुम मेरी कुर्बानी को सिर्फ एक खबर बन जाने दोगे, या इसे एक बदलाव की आग में बदल दोगे?”

आज समय है जवाब देने का।
आज समय है उठ खड़े होने का।
भारत माँ पुकार रही है।

वंदे मातरम्!
भारत माता की जय!