गोरखपुर, 25 मई।
विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 5 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मोत्सव को लेकर विभिन्न आयोजन योजनाओं पर चर्चा हुई।
धर्माचार्य व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरिओम पाठक ने बताया कि 5 जून को योगी आदित्यनाथ जी महाराज 54वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर महासंघ के कार्यकर्ता प्रातः स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देंगे, तिलक लगाकर आरती उतारेंगे तथा केसरिया ध्वज फहराएंगे। उनके यशस्वी जीवन की कामना हेतु 54 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।
मातृशक्ति प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती संतोष मिश्र ने अपील की कि केक के स्थान पर 54 किलो या प्रतीकात्मक रूप से लड्डू वितरित किए जाएं, जिससे सनातन परंपरा बनी रहे।
बैठक में रक्तदान, वृक्षारोपण, गौसेवा, साधु-संत सम्मान, दीन-दुखियों की सहायता तथा हनुमान चालीसा पाठ जैसे विविध सेवा कार्यों को जन्मोत्सव सप्ताह (5 जून से 11 जून) में शामिल किया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष जयशंकर केशरी ने बताया कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस भी है, अतः 5 से 7 जून तक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। वहीं गोरक्षा विभाग के प्रवीण दुबे ने 6 जून को गोशालाओं में सेवा कार्य का संकल्प लिया।
प्रदेश सह कोषाध्यक्ष इंजी. राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा ने 8 जून को साधु-संतों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित करने का आह्वान किया। 9 जून को असहायों व रोगियों की सेवा का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
सोशल मीडिया प्रमुख गंगा शर्मा कौशिक व अखिलेश मिश्र ने सोशल मीडिया पर पांच पोस्ट प्रतिदिन डालकर कार्यक्रम को राष्ट्रव्यापी बनाने का आह्वान किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रक्तदान को प्रमुख रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। बस्ती राजघराने की राजमाता आशिमा सिंह ने सबसे पहले रक्तदान की घोषणा की। महासंघ ने तय किया कि 54 यूनिट रक्तदान करने वाले जिला अध्यक्ष को प्रांतीय अधिवेशन में सम्मानित किया जाएगा। 100 यूनिट पार करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने घोषणा की कि योगी जी का जन्मोत्सव हिंदू स्वाभिमान सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राष्ट्र सेवा व सनातन संस्कृति के भाव प्रमुख होंगे। उन्होंने प्रयागराज के राम प्रसाद यादव व बलरामपुर के भानु प्रताप सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त करने की भी घोषणा की।
