नई दिल्ली, 10 जून 2025:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश से विश्व हिंदू महासंघ में संगठनात्मक स्पष्टता और एकता का नया दौर शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है कि महासंघ का संचालन अब गोरक्ष पीठ से ही होगा। इस निर्णय के बाद महासंघ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच उत्सव जैसा माहौल बन गया है। संगठन में चल रही अंदरूनी असहमति अब सुलह में बदल गई है।
महासंघ की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. आचार्य हरिओम पाठक ने बताया कि पूज्य महाराज योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गोरक्ष मठ से ही संगठन को संचालित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने महासंघ की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बहन अस्मिता भण्डारी का विशेष रूप से आभार प्रकट किया, जिनके प्रयासों से संगठन में सुलह का मार्ग प्रशस्त हुआ।
डॉ. पाठक ने आगे बताया कि पूज्य कालिका पीठाधीश्वर जी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को महासंघ का मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक स्वीकार करते हुए गोरक्ष पीठ को ही संगठन का पदेन अध्यक्ष घोषित किया है। इसी आदेश के पालन में श्री भिखारी प्रजापति को पुनः उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति हाल ही में दिल्ली स्थित कालकाजी मंदिर परिसर में हुई कोर कमेटी की बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने की। बैठक में संगठन के विस्तार, पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तथा विवादों के समाधान को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें श्री सौरभ प्रताप सिंह को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया, जबकि पूर्व महामंत्री राजकुमार चौहान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
डॉ. पाठक ने उन सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया जिन्होंने धर्म संकट की इस घड़ी में संगठन के साथ खड़े रहकर पद की लालसा को ठुकराया। उन्होंने श्री भिखारी प्रजापति की निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहे और संगठन को टूटने नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “यह समय संगठन के भीतर पुराने मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ने का है। जो साथी किन्हीं कारणों से संगठन से अलग हो गए थे, उन्हें भी अब संगठन में लौट आना चाहिए। योगी जी के आदेश के बाद अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बचती।”
डॉ. पाठक ने यह भी कहा कि अध्यक्ष श्री प्रजापति एक सरल, ईमानदार और आत्ममंथन करने वाले व्यक्ति हैं, जिन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि यदि उनके व्यवहार से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह अनजाने में हुई होगी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि व्यक्तिगत अहंकार और पद की लालसा को छोड़कर संगठन हित में कार्य करें।
अंत में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जो लोग संगठन में केवल नेता बनने की मंशा रखते हैं या अपने अहंकार के कारण सहयोग नहीं कर सकते, वे कृपया संगठन से दूर रहें। उन्होंने कहा कि अब समय है कि पूरी ताकत के साथ योगी जी को विजयी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए और हिन्दू समाज के पुनर्निर्माण में महासंघ की भूमिका को मजबूत किया जाए।
निवेदक:
डॉ. आचार्य हरिओम पाठक
अध्यक्ष, अनुशासन समिति
विश्व हिंदू महासंघ, उत्तर प्रदेश
