गाजियाबाद: हिन्दू रक्षा सेना,  ने विजयादशमी (दशहरा) पर्व पर समाज को संदेश देते हुए कहा कि यह पावन पर्व अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। संगठन ने लोगों से आह्वान किया कि रावण दहन केवल प्रतीकात्मक न रहे, बल्कि हम सभी अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावों को भी समाप्त करने का संकल्प लें।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि “विजयादशमी का संदेश हमें याद दिलाता है कि धर्म और नैतिकता की रक्षा सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। समाज में अच्छाई और भाईचारे को बढ़ावा देना हमारा पहला कर्तव्य होना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी ने कहा कि “दशहरा हमें यह याद दिलाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

प्रदेश मंत्री रामानुज ने कहा कि “हमें रावण की तरह बुराइयों का अंत केवल प्रतीकात्मक रूप में नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन और समाज में करना होगा। यही दशहरा का सच्चा संदेश है।

जिला मंत्री सतसिंह गिल ने कहा कि “हिन्दू रक्षा सेना हमेशा समाज में नैतिकता और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रही है। दशहरा के इस अवसर पर हमें अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेना चाहिए।

इस अवसर पर हिन्दू रक्षा सेना के कार्यकर्ताओं ने जिलेभर में शांति और भाईचारे का संदेश फैलाया और विजयादशमी पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया।