विश्व हिन्दू महासंघ उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने हिंदू समाज से एक विशेष अपील करते हुए कहा है कि जैसे ईसाई समुदाय रविवार को चर्च जाता है और मुसलमान शुक्रवार को मस्जिद, वैसे ही हिंदुओं को भी हर सोमवार मंदिर जाने की आदत डालनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोमवार को शक्ति और ज्ञान का दिन माना जाता है। अगर हर हिंदू सप्ताह में एक बार मंदिर जाकर भगवान की आराधना करे, तो यह न केवल व्यक्तिगत आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में एकता और सामूहिक चेतना को भी सशक्त बनाएगा।

राजेंद्र शर्मा ने कहा,

“हम अक्सर शिकायत करते हैं कि हिंदू कभी एक-दूसरे के लिए खड़े नहीं होते। इसका समाधान यही है कि हम सप्ताह में कम से कम एक बार एक-दूसरे से मिलें। मंदिर इस मिलन और शक्ति का केंद्र बन सकता है।”

उन्होंने आग्रह किया कि हर व्यक्ति अपने नज़दीकी मंदिर में हर सोमवार या मंगलवार, सुबह या शाम 8:00 से 9:30 बजे के बीच पहुंचे और आरती, हनुमान चालीसा व भजन में शामिल हो। चाहे व्यक्ति घर, दुकान या कार्यालय कहीं भी हो — उस समय के दौरान अपने आसपास के मंदिर में जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूरे भारत के लाखों मंदिरों में एक ही समय पर घंटियों, शंखों और आरती की ध्वनि गूंजे, तो वह सामूहिक नाद पूरे देश में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

“यह केवल पूजा नहीं, बल्कि शक्ति और एकता का प्रतीक होगा। जब हिंदू इस संख्या में मंदिरों में उपस्थित होंगे, तो समाज में आत्मबल बढ़ेगा और कोई भी हिंदू समाज को कमजोर नहीं समझेगा,”

राजेन्द्र शर्मा ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार – पत्नी और बच्चों – को भी साथ लेकर मंदिर जाएं, जिससे समाजिक संबंध और आत्मीयता मजबूत हो।

अंत में उन्होंने यह संदेश दिया:

“आज समय की आवश्यकता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़ें। हर सोमवार मंदिर जाना सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि अपने समाज, संस्कृति और भविष्य की रक्षा का संकल्प है।”

उन्होंने सभी लोगों से यह संदेश पाँच समूहों में साझा करने की अपील की, ताकि यह अभियान पूरे देश में एक जन-आंदोलन का रूप ले सके।