गाजियाबाद। देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसपैठियों को लेकर विश्व हिन्दू महासंघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें शीघ्र देश से बाहर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि रोहिंग्या घुसपैठ न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे सामाजिक संतुलन और स्थानीय नागरिकों के अधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं।
विश्व हिन्दू महासंघ के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि
“घुसपैठियों का देश में अवैध रूप से रहना अत्यंत चिंताजनक है। इससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि वह बिना किसी देरी के इनकी पहचान कर इन्हें देश से बाहर करने की कार्रवाई शुरू करे।”
विश्व हिन्दू महासंघ के गाजियाबाद के जिला सोशल मीडिया प्रभारी अनुज (रामानुज) ने कहा कि
“भारत ने हमेशा मानवता का परिचय दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश की सुरक्षा से समझौता किया जाए। घुसपैठ के कारण स्थानीय युवाओं के रोजगार और संसाधनों पर सीधा असर पड़ रहा है। अब समय आ गया है कि सरकार सख्त निर्णय ले।”
विश्व हिन्दू महासंघ के गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष मनोज नागर ने अपने बयान में कहा कि
“रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसपैठ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। कई स्थानों पर फर्जी दस्तावेजों और अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आई हैं। केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”
विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों ने एक स्वर में मांग की कि रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसपैठियों की सघन जांच, दस्तावेज सत्यापन और चरणबद्ध निष्कासन की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि देश की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
