गाजियाबाद | संवाददाता
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर लगातार हो रहे अत्याचारों को लेकर हिन्दू रक्षा सेना ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने इन घटनाओं को मानवता को शर्मसार करने वाला और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया है।


हिन्दू रक्षा सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर हमले, जबरन धर्मांतरण, लूटपाट और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार जैसी घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हिंदू समाज भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।


वहीं हिन्दू रक्षा सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी ने कहा कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हस्तक्षेप नहीं किया तो हालात और भयावह हो सकते हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराए।


हिन्दू रक्षा सेना के प्रदेश मंत्री अनुज (रामानुज) ने भी कहा कि बांग्लादेश में हो रहे अत्याचार केवल हिंदुओं पर हमला नहीं, बल्कि मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों को निशाना बनाना, परिवारों को डराना और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे कृत्यों के खिलाफ अब निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है।

अंत में हिन्दू रक्षा सेना के जिला मंत्री सतसिंह गिल ने कहा हिन्दू रक्षा सेना देशभर में जनजागरूकता अभियान चलाकर बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी और हिंदू समाज से एकजुट होकर अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का आह्वान किया।