अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया। संगठन के नेताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा शक्ति, त्याग और सम्मान का प्रतीक माना गया है और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मेरठ मंडल प्रभारी व जिला अध्यक्ष (गाजियाबाद), राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है और समाज को चाहिए कि वह महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान करे। जब महिलाएं सुरक्षित और सशक्त होंगी तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा।

सोशल मीडिया प्रभारी, अनुज (रामानुज) ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया भी महिलाओं के सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, तकनीक और अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने सभी से अपील की कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष, मनोज नागर ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए और उनके अधिकारों तथा सम्मान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। संगठन ने कहा कि नारी सम्मान और समान अधिकारों के साथ ही एक मजबूत और समृद्ध समाज की नींव रखी जा सकती है।