विश्व हिन्दू महासंघ के सोशल मीडिया प्रभारी अनुज (रामानुज) ने कहा कि आज इंसान दौलत और भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में प्रकृति के महत्व को भूलता जा रहा है। पेड़ों की कटाई, वायु प्रदूषण और जल स्रोतों का दूषित होना मानव जीवन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि “पेड़ काटकर महल बनाएँगे, फिर ऑक्सीजन खरीदकर साँसें बचाएँगे; पानी को ज़हरीला बनाकर बोतलों में शुद्धता बेचेंगे, फिर इसे तरक्की का नाम देंगे—आखिर यह कैसी तरक्की है?”
अनुज (रामानुज) ने कहा कि स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और हरियाली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। केवल धन-संपत्ति जुटाना ही विकास नहीं है, बल्कि प्रकृति का संरक्षण करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण छोड़ना भी हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाएँ और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ।
उन्होंने कहा, “दौलत की हवस में कुदरत को नीलाम मत कीजिए, क्योंकि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।”
