गाजियाबाद। UGC और आरक्षण के विरोध में प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर नव युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता कृष्णा त्यागी को उनके गाजियाबाद स्थित निवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद संगठन ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है।
संगठन का कहना है कि कृष्णा त्यागी लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं। आज उनके घर पर हाउस अरेस्ट किए जाने से संगठन ने प्रशासन की कार्रवाई और इसके पीछे के कारणों पर सवाल खड़े किए हैं।
संगठन ने 8 मार्च को हुए विशाल जनसमूह का भी हवाला दिया। संगठन के अनुसार, कृष्णा त्यागी के आह्वान पर देशभर से बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और प्रशासन के आंकड़ों में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात सामने आई थी।
संगठन ने सवाल उठाया कि यदि कृष्णा त्यागी के आह्वान पर इतने बड़े स्तर पर लोग शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र हो सकते हैं, तो आज उन्हें उनके ही घर में रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
कृष्णा त्यागी ने कहा कि UGC और आरक्षण जैसे नीतिगत मुद्दों पर अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार या प्रशासन को किसी कार्यक्रम या आंदोलन पर आपत्ति है तो उसका समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
नव युवा शक्ति संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि कृष्णा त्यागी को हाउस अरेस्ट किए जाने का स्पष्ट कारण सार्वजनिक किया जाए और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाए।
संगठन का कहना है कि किसी भी नीतिगत मुद्दे पर असहमति को संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए, न कि आवाज उठाने वालों को उनके घर तक सीमित करके।
