डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में भारत सिटी सोसायटी की वर्तमान AOA को धारा 28 के अंतर्गत भंग किए जाने की मांग तथा पूर्व AOA से जुड़े कथित रिकवरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान वर्तमान AOA के अध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर, उपाध्यक्ष अजय कुमार कसाना, महासचिव राजिंदर शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध जैन तथा सदस्य राहुल झा, निशिकांत त्रिपाठी, धर्मा राव एवं प्रमोद जोशी ने अपना पक्ष रखा और संबंधित दस्तावेज डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए।
वर्तमान AOA का आरोप है कि पूर्व AOA से जुड़े कुछ लोगों द्वारा वर्तमान निर्वाचित AOA को भंग कराने के उद्देश्य से कुछ निवासियों के कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेज डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत किए गए। इस पर आपत्ति जताते हुए वर्तमान AOA ने करीब 100 फ्लैट मालिकों के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज कार्यालय में जमा किए, जिनमें फ्लैट मालिकों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने GBM बुलाने अथवा वर्तमान AOA को भंग करने के समर्थन में कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद निवासियों ने वर्तमान AOA के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। इस दौरान कुछ निवासियों ने पूर्व AOA पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पोस्टर के माध्यम से भी विरोध दर्ज कराया।
वर्तमान AOA के अनुसार, डिप्टी रजिस्ट्रार ने पक्ष सुनने के बाद कहा कि वर्तमान AOA विधिवत चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई है। GBM बुलाने की मांग को लेकर यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि ऐसी मांग की जाती है तो 51 प्रतिशत फ्लैट मालिकों के शपथपत्र (Affidavit) तथा उनके स्वामित्व को प्रमाणित करने वाले फ्लैट संबंधी दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई और निर्णय किया जाएगा।
AOA अध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर ने कहा कि सोसायटी के निवासियों के हित में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पूर्व AOA के कार्यकाल से जुड़े वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच और, यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार रिकवरी की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान AOA एक विधिवत निर्वाचित संस्था है और उसे कमजोर करने या भंग कराने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध किया जाएगा।
