गाजियाबाद। आम नागरिक को रोजमर्रा की सेवाओं के लिए होने वाली लंबी प्रक्रियाओं और कतारों से राहत देने की जरूरत पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश प्रचार मंत्री (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) अमित कुमार अग्रवाल ने सवाल उठाया है।
अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि वोट देना हो तो कतार, राशन लेना हो तो कतार, बैंक जाना हो तो कतार, अस्पताल में इलाज कराना हो तो कतार और सरकारी काम के लिए भी नागरिक को प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। न्याय के लिए तो लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि काम छोटा हो या बड़ा, आम नागरिक का समय महत्वपूर्ण है। आज देश में इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कई सेवाओं के लिए लोगों को काउंटर और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा, “सवाल सिर्फ कतार का नहीं है, सवाल व्यवस्था की सोच का है। क्या व्यवस्था नागरिक का समय बचाने के लिए है या नागरिक को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाने के लिए?”
अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर लगातार ध्यान दिया जाना चाहिए। नागरिकों को अपने अधिकारों और जरूरी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तकनीक और डिजिटल सेवाओं का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी केवल वोट देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि देश का नागरिक है। उसके समय और सम्मान का महत्व है तथा उसके अधिकारों की रक्षा प्रभावी व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि विकास का वास्तविक लाभ तब महसूस होगा, जब आम नागरिक के लिए सरकारी और सार्वजनिक सेवाएँ सरल, सुगम और समयबद्ध बनें तथा उसे अनावश्यक कागजी प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्करों से राहत मिले।
