गाजियाबाद। सावन माह में चल रही पवित्र कांवड़ यात्रा को लेकर विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों ने इसे भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भगवान शिव के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
विश्व हिन्दू महासंघ के क्षेत्रीय महामंत्री (पश्चिम उत्तर प्रदेश) राजेंद्र शर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अनुशासन, सेवा भाव और सामाजिक एकता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा के दौरान नियमों का पालन करते हुए दूसरों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए।
गाजियाबाद जिला अध्यक्ष मनोज नागर ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी सनातन परंपरा की गौरवशाली विरासत है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण, संयमित एवं अनुशासित तरीके से यात्रा पूरी करने की अपील करते हुए सभी के सुखद एवं मंगलमय कांवड़ यात्रा की कामना की।
विश्व हिन्दू महासंघ के सोशल मीडिया प्रभारी अनुज (रामानुज) ने कहा कि कांवड़ यात्रा का संदेश समाज में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा सकारात्मक सोच के साथ समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारियों ने समस्त शिवभक्त कांवड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
