गाजियाबाद। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश प्रचार मंत्री (पश्चिम उत्तर प्रदेश) अमित कुमार अग्रवाल ने राजनीति के उद्देश्य और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति को केवल पैसा कमाने, सत्ता हासिल करने या व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। राजनीति का वास्तविक उद्देश्य जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए।

अमित कुमार अग्रवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या राजनीति का उद्देश्य केवल पैसा कमाना है, जैसे कोई व्यापारी मुनाफे के लिए सौदा करता है? क्या राजनीति का मतलब लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बाँटना है? क्या राजनीति का मतलब सत्ता का दुरुपयोग करना है? या राजनीति का मतलब केवल अपना और अपने लोगों का विकास करना है?

उन्होंने कहा कि राजनीति कोई व्यापार नहीं है और सत्ता किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होती। सत्ता जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी है और जनप्रतिनिधि को इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करना चाहिए।

अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य गरीब की आवाज बनना, किसानों की समस्याओं को समझना, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना, व्यापारियों की समस्याओं को सुनना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रत्येक नागरिक को न्याय एवं सम्मान दिलाने के लिए कार्य करना होना चाहिए।

उन्होंने व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां गलती या लापरवाही हो, वहां जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। केवल अधिकार मिलने से व्यवस्था मजबूत नहीं होती, बल्कि अधिकार के साथ जवाबदेही भी आवश्यक है।

अमित कुमार अग्रवाल ने कहा, “लोकतंत्र में नेता जनता का मालिक नहीं होता, बल्कि जनता का सेवक होता है। इसलिए राजनीति को कमाई का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाना होगा।”

राजनीति व्यापार नहीं, जनसेवा है—सत्ता नहीं, जिम्मेदारी है।” उन्होंने इस संदेश को राजनीति के मूल उद्देश्य के रूप में सामने रखते हुए कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि और राजनीतिक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।