गाजियाबाद। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश प्रचार मंत्री (पश्चिम उत्तर प्रदेश) अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि अब जनता को बड़े नाम और धनबल की राजनीति नहीं, बल्कि ईमानदार और जनसेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि चाहिए।

अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के समय जनता से किए जाने वाले वादों से अधिक जरूरी है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद भी जनता के बीच मौजूद रहे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य पद और प्रभाव हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा और समस्याओं का समाधान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं को चुनाव के समय जाति, धर्म, धनबल या बड़े राजनीतिक नाम से प्रभावित होने के बजाय उम्मीदवार की ईमानदारी, योग्यता, चरित्र और जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अग्रवाल ने कहा, “अबकी बार न बड़ा नेता, न बड़े पैसे वाला – जनता को ईमानदार प्रतिनिधि चाहिए। वादे नहीं, काम चाहिए और जनता को अपना सेवक चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है और उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेह रहना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे उम्मीदवार को चुनें जो चुनाव के बाद भी जनता के बीच रहकर उनके मुद्दों को मजबूती से उठाए।